उसको मालूम तो हैं मेरे हालातो के बारे मे, फिर खैरियत पूछकर मेरी मुश्किलें क्यों बढ़ाते हैं |

उसको मालूम तो हैं मेरे हालातो के बारे मे, फिर खैरियत पूछकर मेरी मुश्किलें क्यों बढ़ाते हैं |

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काश वो भी आकर हम से कह देमैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए !

तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा, वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही….!

चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है

जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!

नींद आएगी तोह इस तरह सोयेंगे मुझे जगाने के लिया लोग रोयेंगे

छोड़ दिया अब हमनें उस बेवफा का इंतजार करना दोस्तों जब रात गुजर सकती है तो ज़िंदगी भी गुजर जाएगी

काश वो भी आकर हम से कह देमैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए !

तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा, वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही….!

चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है

जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!

नींद आएगी तोह इस तरह सोयेंगे मुझे जगाने के लिया लोग रोयेंगे

छोड़ दिया अब हमनें उस बेवफा का इंतजार करना दोस्तों जब रात गुजर सकती है तो ज़िंदगी भी गुजर जाएगी