छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

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प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..

क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..

काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!

जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता

थोडा इंतजार कर ए दिल, उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है !

भूल सा गया हैं बो मुझे, समज नहीं आ रहा की हम आम हो गए उनके लिए या कोई खास बन गया है !

प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..

क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..

काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!

जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता

थोडा इंतजार कर ए दिल, उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है !

भूल सा गया हैं बो मुझे, समज नहीं आ रहा की हम आम हो गए उनके लिए या कोई खास बन गया है !