कोई पूछेगा तो सुबह का भूला कह देंगे, तुम आओ तो सही,हम शाम को सवेरा कह देंगे

कोई पूछेगा तो सुबह का भूला कह देंगे, तुम आओ तो सही,हम शाम को सवेरा कह देंगे

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शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.

एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।

मुझे छोड़ने की वजह तो बता देते मुझसे नाराज़ थे या मुझ जैसे हज़ार थे

मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं

वक़्त पर ना जा वक़्त तो हर ज़ख्म की दावा है, आज तुमने हमे भुला दिया कल तुम्हे भी कोई भुला देगा

मोहब्बत नहीं है उसे मुझसे ये जानता हूँ मैं फिर भी ये बात कहाँ मानता हूँ मैं

शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.

एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।

मुझे छोड़ने की वजह तो बता देते मुझसे नाराज़ थे या मुझ जैसे हज़ार थे

मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं

वक़्त पर ना जा वक़्त तो हर ज़ख्म की दावा है, आज तुमने हमे भुला दिया कल तुम्हे भी कोई भुला देगा

मोहब्बत नहीं है उसे मुझसे ये जानता हूँ मैं फिर भी ये बात कहाँ मानता हूँ मैं