तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..

तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..

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जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती

ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....

वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था, वो लफ्जों मे ढूढते रहे

तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती

हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए, हम समुन्दर से भी गहरे हो गए

नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.

जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती

ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....

वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था, वो लफ्जों मे ढूढते रहे

तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती

हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए, हम समुन्दर से भी गहरे हो गए

नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.