तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..

तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..

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तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती

तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!!!

याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?

गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका

मैं क्यों पुकारू उसे कि लोट आओ उसे खबर नहीं कि कुछ नहीं मेरे पास उसके सिवाए.

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..

तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती

तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!!!

याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?

गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका

मैं क्यों पुकारू उसे कि लोट आओ उसे खबर नहीं कि कुछ नहीं मेरे पास उसके सिवाए.

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..