यकीनन तुम्हें तलाशती हैं मेरी आंखें........ये बात अलग है हम ज़ाहिर नहीं होने देते.....
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
मै तब भी अकेला नहीं था, नहीं आज भी हु, तब यारो का काफिला था, आज यादो का कांरवा है
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
आँखों में देखी जाती हैं.. प्यार की गहराईयाँ...शब्दों में तो छुप जाती हैं.. बहुत सी तन्हाईयाँ....
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
यकीनन तुम्हें तलाशती हैं मेरी आंखें........ये बात अलग है हम ज़ाहिर नहीं होने देते.....
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
मै तब भी अकेला नहीं था, नहीं आज भी हु, तब यारो का काफिला था, आज यादो का कांरवा है
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
आँखों में देखी जाती हैं.. प्यार की गहराईयाँ...शब्दों में तो छुप जाती हैं.. बहुत सी तन्हाईयाँ....
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है