सुना था हमने दर्द अक्सर बेदर्द लोग देते हैं मगर हमारी दुनिया उजाड़ी है एक मासूम चेहरे ने
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
रात नई हैं, यादें पुरानी!
बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..
कोरा कागज़ था और कुछ बिखरे हुए लफ़्ज़... ज़िक्र तेरा आया तो सारा कागज़ गुलाबी हो गया...!
सुना था हमने दर्द अक्सर बेदर्द लोग देते हैं मगर हमारी दुनिया उजाड़ी है एक मासूम चेहरे ने
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
रात नई हैं, यादें पुरानी!
बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..
कोरा कागज़ था और कुछ बिखरे हुए लफ़्ज़... ज़िक्र तेरा आया तो सारा कागज़ गुलाबी हो गया...!