प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..

प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..

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कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..

लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......

तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..

काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में.. पहली ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आज तक किनारा ना मिला

मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी, उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..

लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......

तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..

काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में.. पहली ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आज तक किनारा ना मिला

मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी, उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है