प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..

प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..

Share:

More Like This

जितना मुश्किल किसी को पाना होता है.... उससे ज़्यादा मुश्किल उसे भुलाना होता है....

तेरे इश्क ने सरकारी दफ्तर बना दिया दिल को, ना कोई काम करता है, ना कोई बात सुनता है .....

जिस्म तो फिर भी थक हार के सो जाता है....काश दिल का भी कोई बिस्तर होता.....

आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गई थी तेरा होने में.

तेरे दिल के बाजार में मै रोज़ बिकती हुं, कुछ लफ्ज़ तेरी यादों के हर रोज़ लिखती हुं

वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।

जितना मुश्किल किसी को पाना होता है.... उससे ज़्यादा मुश्किल उसे भुलाना होता है....

तेरे इश्क ने सरकारी दफ्तर बना दिया दिल को, ना कोई काम करता है, ना कोई बात सुनता है .....

जिस्म तो फिर भी थक हार के सो जाता है....काश दिल का भी कोई बिस्तर होता.....

आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गई थी तेरा होने में.

तेरे दिल के बाजार में मै रोज़ बिकती हुं, कुछ लफ्ज़ तेरी यादों के हर रोज़ लिखती हुं

वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।