उसकी मोहबत पे मेरा हक़ तो नहीं लेकिन, दिल करता है के उम्र भर उसका इंतज़ार करू !
कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
सब कुछ ठीक ही चल रहा है ना जाने क्यों उदास हु मैं
कभी मिले फुर्सत तो इतना जरुर बताना वो कौनसी मोहब्बत थी जो हम तुम्हे ना दे सके
उसकी मोहबत पे मेरा हक़ तो नहीं लेकिन, दिल करता है के उम्र भर उसका इंतज़ार करू !
कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
सब कुछ ठीक ही चल रहा है ना जाने क्यों उदास हु मैं
कभी मिले फुर्सत तो इतना जरुर बताना वो कौनसी मोहब्बत थी जो हम तुम्हे ना दे सके