तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया

तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया

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फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में..की मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया।

मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…

यकीनन तुम्हें तलाशती हैं मेरी आंखें........ये बात अलग है हम ज़ाहिर नहीं होने देते.....

नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं, कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता !

रात नई हैं, यादें पुरानी!

ज़िन्दगी का सबसे लम्बा सफर एक मन से दूसरे मन तक पहुँचना है...और इसी में सबसे ज्यादा समय लगता है...

फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में..की मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया।

मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…

यकीनन तुम्हें तलाशती हैं मेरी आंखें........ये बात अलग है हम ज़ाहिर नहीं होने देते.....

नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं, कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता !

रात नई हैं, यादें पुरानी!

ज़िन्दगी का सबसे लम्बा सफर एक मन से दूसरे मन तक पहुँचना है...और इसी में सबसे ज्यादा समय लगता है...