चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है
न जख्म भरे...,न शराब सहारा हुई..न वो वापस लौटी... न मोहब्बत दोबारा हुई.....!!
कोई पूछेगा तो सुबह का भूला कह देंगे, तुम आओ तो सही,हम शाम को सवेरा कह देंगे
याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?
चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा
कमाल करता है ऐ दिल तू भी उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं
चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है
न जख्म भरे...,न शराब सहारा हुई..न वो वापस लौटी... न मोहब्बत दोबारा हुई.....!!
कोई पूछेगा तो सुबह का भूला कह देंगे, तुम आओ तो सही,हम शाम को सवेरा कह देंगे
याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?
चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा
कमाल करता है ऐ दिल तू भी उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं