"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है
दास्तां सुनाऊं और मज़ाक़ बन जाऊँ बेहतर है मुस्कुराऊं और ख़ामोश रह जाऊँ
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
उनका बादा भी अजीब था - बोले जिन्दगी भर साथ निभाएंगे, पर पागल हम थे - ये पूछना भूल ही गए के मोहबत के साथ या यादो के साथ !
यूँ ही कितनी आसानी से पलट जाते है कुछ लोग
मेरे दिल का दर्द किसने देखा है, मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है, हम तन्हाई में बैठे रोते है, लोगो ने हमे महफ़िल में हस्ते देखा है।
"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है
दास्तां सुनाऊं और मज़ाक़ बन जाऊँ बेहतर है मुस्कुराऊं और ख़ामोश रह जाऊँ
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
उनका बादा भी अजीब था - बोले जिन्दगी भर साथ निभाएंगे, पर पागल हम थे - ये पूछना भूल ही गए के मोहबत के साथ या यादो के साथ !
यूँ ही कितनी आसानी से पलट जाते है कुछ लोग
मेरे दिल का दर्द किसने देखा है, मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है, हम तन्हाई में बैठे रोते है, लोगो ने हमे महफ़िल में हस्ते देखा है।