फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में..की मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया।
कितने अनमोल होते हैं ये अपनों के रिश्ते कोई याद न करे तो भी इंतज़ार रहता है
अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हे याद करते करते
फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में..की मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया।
कितने अनमोल होते हैं ये अपनों के रिश्ते कोई याद न करे तो भी इंतज़ार रहता है
अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हे याद करते करते