काश वो भी आकर हम से कह दे, मैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए...!!
कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले… यहाँ दिल तो बहुत मिलते है, बस कोई दिल से नहीं मिलता
जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है
क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..
काश वो भी आकर हम से कह दे, मैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए...!!
कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले… यहाँ दिल तो बहुत मिलते है, बस कोई दिल से नहीं मिलता
जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है
क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..