वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था, वो लफ्जों मे ढूढते रहे

वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था, वो लफ्जों मे ढूढते रहे

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खो कर फिर तुम हमें पा ना सकोगे साहब हम वहाँ मिलेंगे जहाँ तुम आ ना सकोगे

तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया

तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है, नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है।

रात नई हैं, यादें पुरानी!

एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया

माना की मरने वालों को भुला देतें है….सभी ...मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी…

खो कर फिर तुम हमें पा ना सकोगे साहब हम वहाँ मिलेंगे जहाँ तुम आ ना सकोगे

तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया

तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है, नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है।

रात नई हैं, यादें पुरानी!

एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया

माना की मरने वालों को भुला देतें है….सभी ...मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी…