सिर्फ़ उम्र ही नहीं कुछ हादसे भी तजुर्बे बेहिसाब दे जाते है।

सिर्फ़ उम्र ही नहीं कुछ हादसे भी तजुर्बे बेहिसाब दे जाते है।

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कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में.. पहली ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आज तक किनारा ना मिला

जब रिश्ते ही दम तोड़ चुके हों.... तो फिर प्यार, इजहार, गलती का अहसास, सही गलत कुछ भी मैटर नहीं करता।

कितने शौक से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियों से तेरे ऊपर कोई बोझ थे हम

जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है

शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.

कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं

बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में.. पहली ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आज तक किनारा ना मिला

जब रिश्ते ही दम तोड़ चुके हों.... तो फिर प्यार, इजहार, गलती का अहसास, सही गलत कुछ भी मैटर नहीं करता।

कितने शौक से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियों से तेरे ऊपर कोई बोझ थे हम

जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है

शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.