कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं

कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं

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दिल मेरा उसने ये कहकर वापस कर दिया... दुसरा दिजीए... ये तो टुटा हुआ है....

तेरे इश्क ने सरकारी दफ्तर बना दिया दिल को, ना कोई काम करता है, ना कोई बात सुनता है .....

समझ में ही नही आता कभी-कभी, ये सब क्या हो रहा जिंदगी में...बस.. चुप-चाप तमाशे देख रही हु जिंदगी के...

काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के

तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा, वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही….!

दिल मेरा उसने ये कहकर वापस कर दिया... दुसरा दिजीए... ये तो टुटा हुआ है....

तेरे इश्क ने सरकारी दफ्तर बना दिया दिल को, ना कोई काम करता है, ना कोई बात सुनता है .....

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काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के

तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा, वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही….!