सब ख़फ़ा है मेरे लहजे से...पर मेरे हाल से कोई रूबरू तक न हुआ.....

सब ख़फ़ा है मेरे लहजे से...पर मेरे हाल से कोई रूबरू तक न हुआ.....

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दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।

चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है, मजबूरी नहीं।

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

यूँ ही कितनी आसानी से पलट जाते है कुछ लोग

दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।

चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है, मजबूरी नहीं।

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

यूँ ही कितनी आसानी से पलट जाते है कुछ लोग