एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया

एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया

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बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।

अच्छे इंसान मतलबी नहीं होते, बस दूर हो जाते हैं, उन लोगों से जिन्हें उनकी कद्र नहीं होती....

वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !

कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।

अच्छे इंसान मतलबी नहीं होते, बस दूर हो जाते हैं, उन लोगों से जिन्हें उनकी कद्र नहीं होती....

वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !

कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना