तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है
जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती
माना की मरने वालों को भुला देतें है….सभी ...मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी…
काश वो भी आकर हम से कह दे, मैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए...!!
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है
जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती
माना की मरने वालों को भुला देतें है….सभी ...मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी…
काश वो भी आकर हम से कह दे, मैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए...!!