बिखरे पल, भीगी पलके और ये तन्हाई है.....कुछ सौगाते है जो मोहब्बत से कमाई है....
कुछ लोगो को कितना भी अपने बनाने की कोशिश कर लो वो साबित कर देते है कि वो गैर ही है |
कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
इस छोटी सी उम्र में कितना कुछ लिख दिया मैंने, उम्रें लग जायेंगी, तुम्हे मुझे पूरा पढ़ने में।
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
बिखरे पल, भीगी पलके और ये तन्हाई है.....कुछ सौगाते है जो मोहब्बत से कमाई है....
कुछ लोगो को कितना भी अपने बनाने की कोशिश कर लो वो साबित कर देते है कि वो गैर ही है |
कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
इस छोटी सी उम्र में कितना कुछ लिख दिया मैंने, उम्रें लग जायेंगी, तुम्हे मुझे पूरा पढ़ने में।
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....