कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
किसी से कभी कोई उम्मीद मत रखो क्योंकि उम्मीद हमेशा दर्द देती है!
कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं
मेरी मोहब्बत की कातिल मेरी ग़रीबी ठहरी उसे ले गए ऊँचे मकाँ वाले....!
जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!
कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
किसी से कभी कोई उम्मीद मत रखो क्योंकि उम्मीद हमेशा दर्द देती है!
कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं
मेरी मोहब्बत की कातिल मेरी ग़रीबी ठहरी उसे ले गए ऊँचे मकाँ वाले....!
जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!