कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️
बस एक बार, उलझना है तुमसे, बहुत कुछ, सुलझाने के लिये
आज परछाई से पूछ ही लिया, क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा, और कौन है...तेरे साथ !!
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते हैं
उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️
बस एक बार, उलझना है तुमसे, बहुत कुछ, सुलझाने के लिये
आज परछाई से पूछ ही लिया, क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा, और कौन है...तेरे साथ !!
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते हैं
उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता