वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
जो कहते थे मुझे डर है कहीं मैं खो न दूँ तुम्हे, सामना होने पर मैंने उन्हें चुपचाप गुजरते देखा है... !!
कोई पूछेगा तो सुबह का भूला कह देंगे, तुम आओ तो सही,हम शाम को सवेरा कह देंगे
किताबों की तरह हैं हम भी….अल्फ़ाज़ से भरपूर, मगर ख़ामोश….!!
वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी, और फिर तुम मिल गए!
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
जो कहते थे मुझे डर है कहीं मैं खो न दूँ तुम्हे, सामना होने पर मैंने उन्हें चुपचाप गुजरते देखा है... !!
कोई पूछेगा तो सुबह का भूला कह देंगे, तुम आओ तो सही,हम शाम को सवेरा कह देंगे
किताबों की तरह हैं हम भी….अल्फ़ाज़ से भरपूर, मगर ख़ामोश….!!