बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर, तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है..
जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
जो ज़ख़्म लगे हुए हैं दिल पर उनका मर्ज़ क्या होता है महफ़िल वालों तुम क्या जानो तन्हाई का दर्द क्या होता है....
कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी, कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है
बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर, तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है..
जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
जो ज़ख़्म लगे हुए हैं दिल पर उनका मर्ज़ क्या होता है महफ़िल वालों तुम क्या जानो तन्हाई का दर्द क्या होता है....
कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी, कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है
बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये