कोशिशों के बावजूद हो जाती है कभी हार... होके निराश मत बैठना मन को अपने मार... बढ़ते रहना आगे सदा हो जैसा भी मौसम... पा लेती है मंजिल चींटी भी गिर गिर के हर बार!!

कोशिशों के बावजूद हो जाती है कभी हार... होके निराश मत बैठना मन को अपने मार... बढ़ते रहना आगे सदा हो जैसा भी मौसम... पा लेती है मंजिल चींटी भी गिर गिर के हर बार!!

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किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।

बेशक गलती भूल जाओ, मगर

वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,

हम भी परिंदो की तरह एक दिन उड़ेंगे लड़ना पड़े अगर रातों से तो लड़ेंगे, इस बार न कर पाए अगर मुकाम हासिल, तो दुबारा उससे भी ज्यादा मेहनत करेंगे।

जब भी जिंदगी रुलाये समझना गुनाह माफ़ हो गये...जब भी जिंदगी हँसाये समझना दुआ कुबूल हो गई...

जब सोच में मोच आती है तब हर रिश्ते में खरोंच आती हैं...

किसी से रास्ता पूछने से पहले यह सुनिश्चित करले कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है।

बेशक गलती भूल जाओ, मगर

वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,

हम भी परिंदो की तरह एक दिन उड़ेंगे लड़ना पड़े अगर रातों से तो लड़ेंगे, इस बार न कर पाए अगर मुकाम हासिल, तो दुबारा उससे भी ज्यादा मेहनत करेंगे।

जब भी जिंदगी रुलाये समझना गुनाह माफ़ हो गये...जब भी जिंदगी हँसाये समझना दुआ कुबूल हो गई...

जब सोच में मोच आती है तब हर रिश्ते में खरोंच आती हैं...