अच्छे के साथ अच्छा बने बुरे के साथ बुरा नही क्योंकि हीरे से हीरे को तराश तो जा सकता है लेकिन कीचड़ से कीचड़ साफ नही हो सकता
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.
किरण चाहे सूरज की हो या आशा की जीवन के सभी अंधकार को मिटा देती हैं
ज़िंदगी आसान नहीं होती इसे आसान बनाना पड़ता हैं..
तनाव से केवल समस्याएं जन्म ले सकती है समाधान खोंजने है तो मुस्कुराना ही पड़ेगा
अच्छे के साथ अच्छा बने बुरे के साथ बुरा नही क्योंकि हीरे से हीरे को तराश तो जा सकता है लेकिन कीचड़ से कीचड़ साफ नही हो सकता
जैसे दीये को जलने के लिए तेल के साथ बाती की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही मनुष्य को सफलता के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है
सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.
किरण चाहे सूरज की हो या आशा की जीवन के सभी अंधकार को मिटा देती हैं
ज़िंदगी आसान नहीं होती इसे आसान बनाना पड़ता हैं..
तनाव से केवल समस्याएं जन्म ले सकती है समाधान खोंजने है तो मुस्कुराना ही पड़ेगा