ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी
देखा हुआ सपना,सपना ही रह जाता है जब तक उसे पूरा करने के लिए मेहनत ना कि जाये
सदैव
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है... क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है
इस दुनिया में "सफल" होने का, सबसे अच्छा तरीका है.. उस "सलाह" पर काम करना, जो आप "दूसरों" को देते हैं.
...किसी ने क्या खूब लिखा है "वक़्त" निकालकर "बाते" कर लिया करो "अपनों से" अगर "अपने ही" न रहेंगे तो "वक़्त" का क्या करोगे....!"
ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी
देखा हुआ सपना,सपना ही रह जाता है जब तक उसे पूरा करने के लिए मेहनत ना कि जाये
सदैव
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है... क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है
इस दुनिया में "सफल" होने का, सबसे अच्छा तरीका है.. उस "सलाह" पर काम करना, जो आप "दूसरों" को देते हैं.
...किसी ने क्या खूब लिखा है "वक़्त" निकालकर "बाते" कर लिया करो "अपनों से" अगर "अपने ही" न रहेंगे तो "वक़्त" का क्या करोगे....!"