कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं.. मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं

कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं.. मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं

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वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।

बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।

कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?

उसने पुछा जिंदगी किसने बरबाद की । हमने ऊँगली उठाई और अपने ही दिल पर रख ली ।

आज परछाई से पूछ ही लिया, क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा, और कौन है...तेरे साथ !!

वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।

बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।

कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?

उसने पुछा जिंदगी किसने बरबाद की । हमने ऊँगली उठाई और अपने ही दिल पर रख ली ।

आज परछाई से पूछ ही लिया, क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा, और कौन है...तेरे साथ !!