तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता, पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी
दो पल भी नहीं गुज़रते तुम्हारे बिन, ये ज़िन्दगी ना जाने कैसे गुज़ारेंगे!
मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की
कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात
बस एक भूलने का हुनर ही तो नहीं आता...वरना भूलना तो हम भी बहुत कुछ चाहते हैं...!
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता, पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी
दो पल भी नहीं गुज़रते तुम्हारे बिन, ये ज़िन्दगी ना जाने कैसे गुज़ारेंगे!
मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की
कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात
बस एक भूलने का हुनर ही तो नहीं आता...वरना भूलना तो हम भी बहुत कुछ चाहते हैं...!
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता