मुझे किसी के बदल जाने का कोई गम नही बस कोई था जिससे ये उम्मीद नही थी

मुझे किसी के बदल जाने का कोई गम नही बस कोई था जिससे ये उम्मीद नही थी

Share:

More Like This

उसका मिलना ही मुकद्दर में नहीं था वरना क्या क्या नहीं खोया उसे पाने के लिये

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये

उदास छोड़ गया वो मुझको, खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!

चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है, मजबूरी नहीं।

नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.

उसका मिलना ही मुकद्दर में नहीं था वरना क्या क्या नहीं खोया उसे पाने के लिये

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये

उदास छोड़ गया वो मुझको, खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!

चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है, मजबूरी नहीं।

नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.