मिला क्या हमें सारी उम्र मोहब्बत करके, बस एक शायरी का हुनर, एक रातों का जागना..
कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का
सुना था हमने दर्द अक्सर बेदर्द लोग देते हैं मगर हमारी दुनिया उजाड़ी है एक मासूम चेहरे ने
बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।
समझ में ही नही आता कभी-कभी, ये सब क्या हो रहा जिंदगी में...बस.. चुप-चाप तमाशे देख रही हु जिंदगी के...
जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!
मिला क्या हमें सारी उम्र मोहब्बत करके, बस एक शायरी का हुनर, एक रातों का जागना..
कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का
सुना था हमने दर्द अक्सर बेदर्द लोग देते हैं मगर हमारी दुनिया उजाड़ी है एक मासूम चेहरे ने
बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।
समझ में ही नही आता कभी-कभी, ये सब क्या हो रहा जिंदगी में...बस.. चुप-चाप तमाशे देख रही हु जिंदगी के...
जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!