अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!

अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!

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छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…

जो फ़ुरसत मिली तो मुड़कर देख लेता मुझे एक दफा तेरे प्यार में पागल होने की चाहत मुझे आज भी हे !

कैसे बनाऊँ तेरी यादों से दूरियां .......दो कदम जाकर सौ कदम लौट आती हूँ .......

इश्क़ में इतनी बेपरवाहियाँ भी ठीक नही हैं, बात हम नही करते ...तो तकल्लुफ तुम भी नही करते...!!

उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…

जो फ़ुरसत मिली तो मुड़कर देख लेता मुझे एक दफा तेरे प्यार में पागल होने की चाहत मुझे आज भी हे !

कैसे बनाऊँ तेरी यादों से दूरियां .......दो कदम जाकर सौ कदम लौट आती हूँ .......

इश्क़ में इतनी बेपरवाहियाँ भी ठीक नही हैं, बात हम नही करते ...तो तकल्लुफ तुम भी नही करते...!!

उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!