मै तब भी अकेला नहीं था, नहीं आज भी हु, तब यारो का काफिला था, आज यादो का कांरवा है
यक़ीं न आए तो इक बार पूछ कर देखो जो हँस रहा है वो ज़ख़्मों से चूर निकलेगा...
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है. |
चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
मै तब भी अकेला नहीं था, नहीं आज भी हु, तब यारो का काफिला था, आज यादो का कांरवा है
यक़ीं न आए तो इक बार पूछ कर देखो जो हँस रहा है वो ज़ख़्मों से चूर निकलेगा...
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है. |
चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.