कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?
आसमान बरसे तो छाता ले सकते हैं.. आंख बरसे तो क्या किया जाए..??
मेरे ज़ज्बात की कदर ही कहाँ, सिर्फ इलज़ाम लगाना ही उनकी फितरत है !!
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम...
मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.
न जख्म भरे...,न शराब सहारा हुई..न वो वापस लौटी... न मोहब्बत दोबारा हुई.....!!
कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?
आसमान बरसे तो छाता ले सकते हैं.. आंख बरसे तो क्या किया जाए..??
मेरे ज़ज्बात की कदर ही कहाँ, सिर्फ इलज़ाम लगाना ही उनकी फितरत है !!
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम...
मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.
न जख्म भरे...,न शराब सहारा हुई..न वो वापस लौटी... न मोहब्बत दोबारा हुई.....!!