जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के

जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के

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ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है

नुक्स निकालते है वो इस कदर हम मे, जैसे उन्हे खुदा चाहिए था और हम इंसान निकले ?

तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है, पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !

किसी रोज़ मिलने से प्यार हो या न हो लेकिन किसी रोज़ बात करने से उसकी आदत जरूर हो जाती है

काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।

शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है

ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है

नुक्स निकालते है वो इस कदर हम मे, जैसे उन्हे खुदा चाहिए था और हम इंसान निकले ?

तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है, पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !

किसी रोज़ मिलने से प्यार हो या न हो लेकिन किसी रोज़ बात करने से उसकी आदत जरूर हो जाती है

काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।

शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है