जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के
सब ख़फ़ा है मेरे लहजे से...पर मेरे हाल से कोई रूबरू तक न हुआ.....
मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है
थोडा इंतजार कर ए दिल, उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है !
तुम भुला दो मुझे ये तुम्हारी अपनी हिम्मत है मगर मुझसे ये उम्मीद ज़िंदगी भर मत रखना
चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है, मजबूरी नहीं।
जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के
सब ख़फ़ा है मेरे लहजे से...पर मेरे हाल से कोई रूबरू तक न हुआ.....
मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है
थोडा इंतजार कर ए दिल, उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है !
तुम भुला दो मुझे ये तुम्हारी अपनी हिम्मत है मगर मुझसे ये उम्मीद ज़िंदगी भर मत रखना
चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है, मजबूरी नहीं।