लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
बस एक बार, उलझना है तुमसे, बहुत कुछ, सुलझाने के लिये
लोग कहते है के जब कोई अपना दूर चला जाए तो तकलीफ होती है, परन्तु असली तकलीफ तोह तब होती है जब कोई अपना, पास होकर भी दूरियां बना ले !
मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है
गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका
लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
बस एक बार, उलझना है तुमसे, बहुत कुछ, सुलझाने के लिये
लोग कहते है के जब कोई अपना दूर चला जाए तो तकलीफ होती है, परन्तु असली तकलीफ तोह तब होती है जब कोई अपना, पास होकर भी दूरियां बना ले !
मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है
गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका