जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा कोई गुनाह करना है.

जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा कोई गुनाह करना है.

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चाह कर भी पूछ नहीं सकते हाल उनका, डर है कहीं कह ना दे के ये हक तुम्हे किसने दिया। ?

कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न

मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है, मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️

दो पल भी नहीं गुज़रते तुम्हारे बिन, ये ज़िन्दगी ना जाने कैसे गुज़ारेंगे!

कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात

कभी कभी मेरा दिल करता है कि बैठकर इतना रोऊ कि रोते रोते ही मर जाऊ

चाह कर भी पूछ नहीं सकते हाल उनका, डर है कहीं कह ना दे के ये हक तुम्हे किसने दिया। ?

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दो पल भी नहीं गुज़रते तुम्हारे बिन, ये ज़िन्दगी ना जाने कैसे गुज़ारेंगे!

कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात

कभी कभी मेरा दिल करता है कि बैठकर इतना रोऊ कि रोते रोते ही मर जाऊ