दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है
प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए
उदास छोड़ गया वो मुझको, खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!
बहुत भीड हो गई है लोगों के दिलों में...इसलिए आजकल हम अकेले ही रहते हैं...!
दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है
प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए
उदास छोड़ गया वो मुझको, खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!
बहुत भीड हो गई है लोगों के दिलों में...इसलिए आजकल हम अकेले ही रहते हैं...!