"बात इतनी है के तुम बहुत दुर होते जा रहे हो... और हद ये है कि तुम ये मानते भी नही...."
प्यार था और रहेगा भी..लेकिन बस अब बार बार टूटने की हिम्मत खत्म हो गयी है डर में नही जी सकते के कब कौन बीच रास्ते साथ छोड़ जाए अकेले का सफर कठिन है जानती हूँ पर किसी के साथ रहकर भी तन्हा महसूस करना ज़्यादा बुरा लगता है ?
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
यकीनन हो रही होंगी बैचेनियां तुम्हें भी, ये और बात है कि तुम नजरअंदाज कर रहे हो...
गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका
कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं
"बात इतनी है के तुम बहुत दुर होते जा रहे हो... और हद ये है कि तुम ये मानते भी नही...."
प्यार था और रहेगा भी..लेकिन बस अब बार बार टूटने की हिम्मत खत्म हो गयी है डर में नही जी सकते के कब कौन बीच रास्ते साथ छोड़ जाए अकेले का सफर कठिन है जानती हूँ पर किसी के साथ रहकर भी तन्हा महसूस करना ज़्यादा बुरा लगता है ?
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
यकीनन हो रही होंगी बैचेनियां तुम्हें भी, ये और बात है कि तुम नजरअंदाज कर रहे हो...
गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका
कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं