बहुत उदास हे कोई तेरे जाने से हो सके तो लौट आ किसी बहाने से, तू लाख खफा सही मगर एक बार तो देख , कोइ टूट गया है तेरे रूठ जाने से।
चाह कर भी पूछ नहीं सकते हाल उनका, डर है कहीं कह ना दे के ये हक तुम्हे किसने दिया। ?
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..
तन्हा रहना तो सीख लिया, पर खुश ना कभी रह पायेगे, तेरी दूरी तो सह लेता दिल मेरा, पर तेरे प्यार के बिन ना जी पायेंगे।
मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…
बहुत उदास हे कोई तेरे जाने से हो सके तो लौट आ किसी बहाने से, तू लाख खफा सही मगर एक बार तो देख , कोइ टूट गया है तेरे रूठ जाने से।
चाह कर भी पूछ नहीं सकते हाल उनका, डर है कहीं कह ना दे के ये हक तुम्हे किसने दिया। ?
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..
तन्हा रहना तो सीख लिया, पर खुश ना कभी रह पायेगे, तेरी दूरी तो सह लेता दिल मेरा, पर तेरे प्यार के बिन ना जी पायेंगे।
मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…