जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...
खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है
क़दर तो वो होती है जो किसी की मौजूदगी में हो, जो किसी के बाद हो.... उसे पछतावा कहते हैं ।
जीवन मैं एक बार जो फैसला कर लो तो फिर पीछे मुड़कर मत देखना क्योंकि पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते
पसंद है मुझे उन लोगों से हारना जो मेरे हारने की वजह से पहली बार जीते है
गलतियाँ ढूँढना गलत नही है...!! बस शुरुआत खुद से होनी चाहिए...!!!
जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...
खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है
क़दर तो वो होती है जो किसी की मौजूदगी में हो, जो किसी के बाद हो.... उसे पछतावा कहते हैं ।
जीवन मैं एक बार जो फैसला कर लो तो फिर पीछे मुड़कर मत देखना क्योंकि पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते
पसंद है मुझे उन लोगों से हारना जो मेरे हारने की वजह से पहली बार जीते है
गलतियाँ ढूँढना गलत नही है...!! बस शुरुआत खुद से होनी चाहिए...!!!