किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको
एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.
जीवन मे पछतावा करना छोड़ो और कुछ ऐसा करो कि लोग तुम्हे छोड़ देने पर पछताए।
जब भी जिंदगी रुलाये समझना गुनाह माफ़ हो गये...जब भी जिंदगी हँसाये समझना दुआ कुबूल हो गई...
सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं
कोई कितना भी झूठा और कपटी हो आपके साथ आप तब भी सच्चे बने रहिए क्योंकि किसी बीमार को देखकर स्वयं को बीमार कर लेना ये समझदारी नही मूर्खता है..
किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको
एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.
जीवन मे पछतावा करना छोड़ो और कुछ ऐसा करो कि लोग तुम्हे छोड़ देने पर पछताए।
जब भी जिंदगी रुलाये समझना गुनाह माफ़ हो गये...जब भी जिंदगी हँसाये समझना दुआ कुबूल हो गई...
सही फैसला लेना काबिलियत नही हैं फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं
कोई कितना भी झूठा और कपटी हो आपके साथ आप तब भी सच्चे बने रहिए क्योंकि किसी बीमार को देखकर स्वयं को बीमार कर लेना ये समझदारी नही मूर्खता है..