तेरे गिरने में तेरी हार नहीं तू इंसान है,अवतार नहीं गिर,उठ,चल,दौड़ फिर भाग क्योंकि जीवन संक्षिप्त है इसका कोई सार नही

तेरे गिरने में तेरी हार नहीं तू इंसान है,अवतार नहीं गिर,उठ,चल,दौड़ फिर भाग क्योंकि जीवन संक्षिप्त है इसका कोई सार नही

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उस मनुष्य की ताकत का कोई मुकाबला नही कर सकता जिसके पास सब्र की ताकत है

अपने नॉलेज पर की हुई इन्वेस्टमेंट सबसे ज्यादा रिटर्न्स देती है

दुनिया का उसूल हैं दोस्त जिस चीज़ के बारे में सोचना छोड़ दोगे झक्क मार के तुम्हारे पीछे आएगी

तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..

यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है

अपने जीवन की तुलना किसी के साथ नहीं करनी चाहिए "सूर्य" और "चद्रमा" के बीच कोई तुलना नहीं हैं जब जिसका वक़्त आता है तभी वो चमकता है

उस मनुष्य की ताकत का कोई मुकाबला नही कर सकता जिसके पास सब्र की ताकत है

अपने नॉलेज पर की हुई इन्वेस्टमेंट सबसे ज्यादा रिटर्न्स देती है

दुनिया का उसूल हैं दोस्त जिस चीज़ के बारे में सोचना छोड़ दोगे झक्क मार के तुम्हारे पीछे आएगी

तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..

यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है

अपने जीवन की तुलना किसी के साथ नहीं करनी चाहिए "सूर्य" और "चद्रमा" के बीच कोई तुलना नहीं हैं जब जिसका वक़्त आता है तभी वो चमकता है