हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है

हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है

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प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा

मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो

मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे

अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे

हमको तोह सब ही पसंद करते है, अब क्या सबके हो जाए हम

जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!

प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा

मौज़ लो, रोज़ लो, ना मिले तो ख़ोज लो

मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे

अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे

हमको तोह सब ही पसंद करते है, अब क्या सबके हो जाए हम

जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!