ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी
गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!
ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी
गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!