बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

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तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे

अब तो वो होगा जो दिल फरमाए गा बाद में जो होगा देखा जाए गा

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं

ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान

तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो

तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे

अब तो वो होगा जो दिल फरमाए गा बाद में जो होगा देखा जाए गा

अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..

बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं

ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान

तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो