बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

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ज़माने की नज़र में थोड़ा सा अकड़ कर चलना सीख लो दोस्त मोम जैसा दिल लेकर फिरोगे तो लोग जलाते ही रहेगें

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।

अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं

अकेले चलने वाले लोग घंमडी नहीं होते वो बस अकेले ही काफी होते है

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!

ज़माने की नज़र में थोड़ा सा अकड़ कर चलना सीख लो दोस्त मोम जैसा दिल लेकर फिरोगे तो लोग जलाते ही रहेगें

समझा दो उन समझदारो को, की कातिलो की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की है !!

मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।

अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं

अकेले चलने वाले लोग घंमडी नहीं होते वो बस अकेले ही काफी होते है

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!