बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

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मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है इसलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है

हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं

तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!

मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है इसलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है

हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं

तू इतना भी बेहतरीन नही, जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !

बेटा दुश्मनी अपनी औकात वालो से कर बाप से नहीं

जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!