बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

Share:

More Like This

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे

महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।

मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै

अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा

न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे

महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।

मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै

अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा

न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम