गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है
अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं
किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे
मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही
दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है
अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं
किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे
मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ