दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
अबे सुन बे जा किसी और को सुधार मुझको नही चाहिए तेरा यह फ़ोकट का उदार
मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे है
हम तो बुरे है साफ कहते है, पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए
अकेले चलने वाले लोग घंमडी नहीं होते वो बस अकेले ही काफी होते है
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
अबे सुन बे जा किसी और को सुधार मुझको नही चाहिए तेरा यह फ़ोकट का उदार
मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे है
हम तो बुरे है साफ कहते है, पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए
अकेले चलने वाले लोग घंमडी नहीं होते वो बस अकेले ही काफी होते है