खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु

खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु

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जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं, मै खुद को नही देखता औरो की नजर से..!!

मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!

दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है

मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे है

वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे, अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !

जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं, मै खुद को नही देखता औरो की नजर से..!!

मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!

दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है

मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे है

वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे, अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !