जैसी DP वैसा मैं !!
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”
जैसी DP वैसा मैं !!
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”