दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए
हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु
अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…
दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए
हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु
अब मैं अपना वक़्त बरदाद नहीं करता जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…