किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
कीमत तो दिलो की होती हैं वरना शक्ल तो कुत्तो की भी Cute होती हैं
किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
कीमत तो दिलो की होती हैं वरना शक्ल तो कुत्तो की भी Cute होती हैं