आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..

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अकेला रहता हूँ नवाब की तरहा छोटे झुण्ड में रह कर कुत्ता बनने की आदत नहीं

बादशाह कोई भी हो जहा हम कदम रखते है वहा किसी की हुकूमत नहीं चलती।

ऐसी वैसी बात पर धयान मत दो बाप है तुम्हारे हमे ज्ञान मत दो

समेट लो इन नाज़ुक पलों को नजाने ये लम्हा कल हो न हो, हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलों में हम हो न हो

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

वक़्त आने दो बेटा जवाब भी देंगे हिसाब भी लेंगे और कह के लेंगे

अकेला रहता हूँ नवाब की तरहा छोटे झुण्ड में रह कर कुत्ता बनने की आदत नहीं

बादशाह कोई भी हो जहा हम कदम रखते है वहा किसी की हुकूमत नहीं चलती।

ऐसी वैसी बात पर धयान मत दो बाप है तुम्हारे हमे ज्ञान मत दो

समेट लो इन नाज़ुक पलों को नजाने ये लम्हा कल हो न हो, हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलों में हम हो न हो

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

वक़्त आने दो बेटा जवाब भी देंगे हिसाब भी लेंगे और कह के लेंगे