ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....
मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते