दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है
दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है
दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!