हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं
शेर अपना अकेला ही खुद शिकार करता है, और मै सिर्फ अपने ऐटिटूड से वार करता हूँ ||
वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है
हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं
शेर अपना अकेला ही खुद शिकार करता है, और मै सिर्फ अपने ऐटिटूड से वार करता हूँ ||
वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है
पल पल रंग बदलती है दुनिया और लोग पूछते है होली कब है |
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है