सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
मत कोशिश करो मुझ जैसा बनने की. क्यूंकि शेर पैदा होते है बनाए नहीं जाते !!
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!
मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”
दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही
मत कोशिश करो मुझ जैसा बनने की. क्यूंकि शेर पैदा होते है बनाए नहीं जाते !!
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!
मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”
दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए