बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी
झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है
खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी
मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी
झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है
खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी
मुझे सिंगल जान के तू तारीफ करेगा और मैं पट जाऊँगी? बेटा इतनी भी सीधी नहीं || “चल हट”