पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान
इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे, अकड़ दिखाओगे तो हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..
सुन बे खजूर वक़्त की बात है आज तेरा है कल मेरा होगा और जब मेरा होगा तोह सोच तेरा क्या होगा
ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान
इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे, अकड़ दिखाओगे तो हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..
सुन बे खजूर वक़्त की बात है आज तेरा है कल मेरा होगा और जब मेरा होगा तोह सोच तेरा क्या होगा
ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं