दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए

दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए

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मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

हम बाते हालत के हिसाब से करते है

जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं

गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई

लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.

रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .

मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती

हम बाते हालत के हिसाब से करते है

जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं

गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई

लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.

रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .