किसी के दूर जाने से उतनी तकलीफ कभी नहीं होती है जितनी तकलीफ तब होती है जब कोई पास होकर भी हमसे दूरियाँ बना लें।
घर से निकला हुआ हर शख्स आवारा नहीं होता, वो तो उसके हालात उसे भटकने पर मजबूर कर देते है।
जब से वो मशहूर हो गए हैं, हमसे कुछ दूर हो गए हैं सच्ची मोहबत तो अक्सर दिल तोड़ने वाली से ही होती है!
जवाब तो हर बात का देना जानते है हम, लेकिन जो रिश्तो की अहमियत को नहीं समझ पाया, वो शब्दों को क्या समझेंगे।
वो लोग बहुत मजबूत हो जाते है, जिनके पास खोने के लिए कुछ भी नही होता।
वो याद करेंगे जिस दिन मेरी मोहब्बत को रोएगा बहुत फिर से मेरा होने के लिए
किसी के दूर जाने से उतनी तकलीफ कभी नहीं होती है जितनी तकलीफ तब होती है जब कोई पास होकर भी हमसे दूरियाँ बना लें।
घर से निकला हुआ हर शख्स आवारा नहीं होता, वो तो उसके हालात उसे भटकने पर मजबूर कर देते है।
जब से वो मशहूर हो गए हैं, हमसे कुछ दूर हो गए हैं सच्ची मोहबत तो अक्सर दिल तोड़ने वाली से ही होती है!
जवाब तो हर बात का देना जानते है हम, लेकिन जो रिश्तो की अहमियत को नहीं समझ पाया, वो शब्दों को क्या समझेंगे।
वो लोग बहुत मजबूत हो जाते है, जिनके पास खोने के लिए कुछ भी नही होता।
वो याद करेंगे जिस दिन मेरी मोहब्बत को रोएगा बहुत फिर से मेरा होने के लिए