कसूर किसी का भी हो मगर, आसूँ हमेशा बेक़सूर के ही निकलते हैं
क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था
मुस्कुराहट ही हमें जिन्दगी जीने का अहसास दिलाती है.
जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।
जिन्दगी में कुछ ऐसे हादसे भी होते है, जिसमे इंसान तो बच जाता है, लेकिन जिन्दा नहीं रह पाता।
कभी किसी का दिल नहीं तोड़ना चाहिए क्योंकि दिल टूटने पर इंसान टूट जाता है या दिल पत्थर हो जाता है.
कसूर किसी का भी हो मगर, आसूँ हमेशा बेक़सूर के ही निकलते हैं
क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था
मुस्कुराहट ही हमें जिन्दगी जीने का अहसास दिलाती है.
जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।
जिन्दगी में कुछ ऐसे हादसे भी होते है, जिसमे इंसान तो बच जाता है, लेकिन जिन्दा नहीं रह पाता।
कभी किसी का दिल नहीं तोड़ना चाहिए क्योंकि दिल टूटने पर इंसान टूट जाता है या दिल पत्थर हो जाता है.