दुःख से पता नहीं क्यों लोग डरते हैं लोग जबकि हमारे जीवन की शुरुआत ही रोने से हुई है.

दुःख से पता नहीं क्यों लोग डरते हैं लोग जबकि हमारे जीवन की शुरुआत ही रोने से हुई है.

Share:

More Like This

अहसास बदल जाता है वक्त के साथ और पता भी नही चलता है, क्योंकि मोहब्बत और नफरत एक ही दिल से जो होती हैं.

जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।

रिश्ता हमेशा दिल से होना चाहिए शब्दों से नहीं.

जो इंसान ज्यादा Emotional होता है, ऐसे इंसानों के दिलों को लोग आसानी से ठेस पहुँचाते रहते हैं.

Emotional लोग दूसरों से बहुत ज्यादा उम्मीद रखते हैं, इसलिए वे लोग हमेशा चोट खाते रहते हैं.

इश्क कोई क्यों करता है, इसे जान लेना जरूरी है, इसके बिना कैसे जिए कोई बिन इसके ज़िन्दगी अधूरी है.

अहसास बदल जाता है वक्त के साथ और पता भी नही चलता है, क्योंकि मोहब्बत और नफरत एक ही दिल से जो होती हैं.

जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।

रिश्ता हमेशा दिल से होना चाहिए शब्दों से नहीं.

जो इंसान ज्यादा Emotional होता है, ऐसे इंसानों के दिलों को लोग आसानी से ठेस पहुँचाते रहते हैं.

Emotional लोग दूसरों से बहुत ज्यादा उम्मीद रखते हैं, इसलिए वे लोग हमेशा चोट खाते रहते हैं.

इश्क कोई क्यों करता है, इसे जान लेना जरूरी है, इसके बिना कैसे जिए कोई बिन इसके ज़िन्दगी अधूरी है.