ये तो ज़रूरी नहीं कि कुत्ता ही वफादार निकले, समय आने पर आपका वफादार भी कुत्ता निकल सकता है।
तमनाओं की महफ़िल तो हर कोई सजाता है मगर पूरी उसकी होती हैं जो तकदीर लेकर आता है
क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था
आपसे जो भी झुक कर मिलता होगा, यकीनन उसका कद आपसे ऊँचा होगा।
नींद चुराने वाले हमसे पूछते हैं सोते क्यों नहीं हो, इतनी ही फ़िक्र है तुम्हें तो फिर हमारे होते क्यों नहीं हो
इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है दिन कोई भी हो मेरा त्यौहार हो जाता है.
ये तो ज़रूरी नहीं कि कुत्ता ही वफादार निकले, समय आने पर आपका वफादार भी कुत्ता निकल सकता है।
तमनाओं की महफ़िल तो हर कोई सजाता है मगर पूरी उसकी होती हैं जो तकदीर लेकर आता है
क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था
आपसे जो भी झुक कर मिलता होगा, यकीनन उसका कद आपसे ऊँचा होगा।
नींद चुराने वाले हमसे पूछते हैं सोते क्यों नहीं हो, इतनी ही फ़िक्र है तुम्हें तो फिर हमारे होते क्यों नहीं हो
इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है दिन कोई भी हो मेरा त्यौहार हो जाता है.