ज़िन्दगी के सफ़र में ऐसा अकसर होता है, मुश्किल फैसला ही हमेशा बेहतर होता है।
अगर कसमे सच्ची होती तो सबसे पहले खुदा मरता।
वो लोग बहुत मजबूत हो जाते है, जिनके पास खोने के लिए कुछ भी नही होता।
क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था
कहानियां कुछ यूँ ही अधूरी रह जाती है, कभी पन्ने कम पड़ जाते है तो कभी श्याही सूख जाती है।
वो लोग दुश्मन बनकर मुझे जीतने चले थे, अगर महोब्बत कर लेते तो मैं खुद ही हार जाता।
ज़िन्दगी के सफ़र में ऐसा अकसर होता है, मुश्किल फैसला ही हमेशा बेहतर होता है।
अगर कसमे सच्ची होती तो सबसे पहले खुदा मरता।
वो लोग बहुत मजबूत हो जाते है, जिनके पास खोने के लिए कुछ भी नही होता।
क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था
कहानियां कुछ यूँ ही अधूरी रह जाती है, कभी पन्ने कम पड़ जाते है तो कभी श्याही सूख जाती है।
वो लोग दुश्मन बनकर मुझे जीतने चले थे, अगर महोब्बत कर लेते तो मैं खुद ही हार जाता।