जहर तो मैं पी गया लेकिन तकलीफ लोगों को तब हुई जब मैं उसके बावजुद जी गया।
तमनाओं की महफ़िल तो हर कोई सजाता है मगर पूरी उसकी होती हैं जो तकदीर लेकर आता है
ये सागर भी तुम्हारी तरह बेवफा निकला, जिन्दा थे तब तैरने नहीं दिया और जब मर गए हैं तो डूबने भी नहीं देता।
वो याद करेंगे जिस दिन मेरी मोहब्बत को रोएगा बहुत फिर से मेरा होने के लिए
कहानियां कुछ यूँ ही अधूरी रह जाती है, कभी पन्ने कम पड़ जाते है तो कभी श्याही सूख जाती है।
जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।
जहर तो मैं पी गया लेकिन तकलीफ लोगों को तब हुई जब मैं उसके बावजुद जी गया।
तमनाओं की महफ़िल तो हर कोई सजाता है मगर पूरी उसकी होती हैं जो तकदीर लेकर आता है
ये सागर भी तुम्हारी तरह बेवफा निकला, जिन्दा थे तब तैरने नहीं दिया और जब मर गए हैं तो डूबने भी नहीं देता।
वो याद करेंगे जिस दिन मेरी मोहब्बत को रोएगा बहुत फिर से मेरा होने के लिए
कहानियां कुछ यूँ ही अधूरी रह जाती है, कभी पन्ने कम पड़ जाते है तो कभी श्याही सूख जाती है।
जो लोग अन्दर से मर जाते है, अक्सर वही लोग दूसरो को जीना सिखाते है।