वो जो सबके सामने कभी जिक्र नहीं करता, अन्दर ही अन्दर बहुत फ़िक्र करता है।

वो जो सबके सामने कभी जिक्र नहीं करता, अन्दर ही अन्दर बहुत फ़िक्र करता है।

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सफ़ल होने की तमन्ना मुझ में भी है, मगर गलत रास्तों से होकर जाऊं, इतनी भी जल्दी नहीं है.

वो लोग बहुत मजबूत हो जाते है, जिनके पास खोने के लिए कुछ भी नही होता।

अहसास ही बदल जाते है बस और कुछ नहीं होता, महोब्बत और नफरत एक ही दिल से होती है।

अगर कसमे सच्ची होती तो सबसे पहले खुदा मरता।

वो याद करेंगे जिस दिन मेरी मोहब्बत को रोएगा बहुत फिर से मेरा होने के लिए

वो इंसान जो सबके सामने कभी जिक्र भी नहीं करता, अन्दर ही अन्दर आपकी बहुत फ़िक्र करता है।

सफ़ल होने की तमन्ना मुझ में भी है, मगर गलत रास्तों से होकर जाऊं, इतनी भी जल्दी नहीं है.

वो लोग बहुत मजबूत हो जाते है, जिनके पास खोने के लिए कुछ भी नही होता।

अहसास ही बदल जाते है बस और कुछ नहीं होता, महोब्बत और नफरत एक ही दिल से होती है।

अगर कसमे सच्ची होती तो सबसे पहले खुदा मरता।

वो याद करेंगे जिस दिन मेरी मोहब्बत को रोएगा बहुत फिर से मेरा होने के लिए

वो इंसान जो सबके सामने कभी जिक्र भी नहीं करता, अन्दर ही अन्दर आपकी बहुत फ़िक्र करता है।