हम दुनिया की परवाह करने में व्यस्त रह गये जिंदगी ना जाने कब गुजर गई आहिस्ता से और हम फकत हाथ मलते रह गये.
आराम की ज़िन्दगी पाने में इतना भी क्या व्यस्त हो जाते हैं लोग, की आराम की ज़िन्दगी जीना ही भूल जाते हैं लोग।
सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।
मोबाइल Busy होने पर भी अब तो रिश्तो में दरार आ जाते है ना जाने प्यार से बचने के लिए लोग कितने बहाने बनाते है.
कहते हैं दोस्त बनाना ज़िन्दगी है, दोस्ती निभाना ज़िन्दगी है, कितने भी व्यस्त क्यों न रहो दिन भर, मगर एक पल मुस्कराना ही जिंदगी है …
इंसान कितना भी व्यस्त क्यों न हो….. अगर वो सच में आपकी इज्जत करता है तो….. वह हमेशा आप के लिए वक्त जरूर निकालेगा……..
हम दुनिया की परवाह करने में व्यस्त रह गये जिंदगी ना जाने कब गुजर गई आहिस्ता से और हम फकत हाथ मलते रह गये.
आराम की ज़िन्दगी पाने में इतना भी क्या व्यस्त हो जाते हैं लोग, की आराम की ज़िन्दगी जीना ही भूल जाते हैं लोग।
सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।
मोबाइल Busy होने पर भी अब तो रिश्तो में दरार आ जाते है ना जाने प्यार से बचने के लिए लोग कितने बहाने बनाते है.
कहते हैं दोस्त बनाना ज़िन्दगी है, दोस्ती निभाना ज़िन्दगी है, कितने भी व्यस्त क्यों न रहो दिन भर, मगर एक पल मुस्कराना ही जिंदगी है …
इंसान कितना भी व्यस्त क्यों न हो….. अगर वो सच में आपकी इज्जत करता है तो….. वह हमेशा आप के लिए वक्त जरूर निकालेगा……..