इंसान कितना भी व्यस्त क्यों न हो….. अगर वो सच में आपकी इज्जत करता है तो….. वह हमेशा आप के लिए वक्त जरूर निकालेगा……..
घोंसला बनाने में हम यूँ मशगूल हो गए, की उड़ने को पंख भी थे..ये भी भूल गए ……
मालुम है आप बहुत बिजी हो . . . . . . इस लिए कुछ नहीं लिखा वरना आपको पढ़ना पड़ता …
जिंदगी का लुत्फ उठाना अब कहा आसान रह गया और सब तो बच गया, बस चैन और सुकून बह गया
हम इतने व्यस्त, मतलबी और बेदिल हो चुके है की, बेवजह किसी से बात करना भी अजीब लगता है….
सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।
इंसान कितना भी व्यस्त क्यों न हो….. अगर वो सच में आपकी इज्जत करता है तो….. वह हमेशा आप के लिए वक्त जरूर निकालेगा……..
घोंसला बनाने में हम यूँ मशगूल हो गए, की उड़ने को पंख भी थे..ये भी भूल गए ……
मालुम है आप बहुत बिजी हो . . . . . . इस लिए कुछ नहीं लिखा वरना आपको पढ़ना पड़ता …
जिंदगी का लुत्फ उठाना अब कहा आसान रह गया और सब तो बच गया, बस चैन और सुकून बह गया
हम इतने व्यस्त, मतलबी और बेदिल हो चुके है की, बेवजह किसी से बात करना भी अजीब लगता है….
सबको अपने से मतलब है इसलिए सब व्यस्त हैं, जिस दिन तुम से होगा सब मिलने आ जाएंगे।