इस दौर में हर कोई Busy होने का चोला ओढ़कर बैठा है मानो खुद को इंसान की बस्ती का खुदा समझ बैठा है.

इस दौर में हर कोई Busy होने का चोला ओढ़कर बैठा है मानो खुद को इंसान की बस्ती का खुदा समझ बैठा है.

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जिंदगी का लुत्फ उठाना अब कहा आसान रह गया और सब तो बच गया, बस चैन और सुकून बह गया

व्यस्तता के बीच भी मुस्कुराना सीखिए जिंदगी से खूबसूरत पल चुराना सीखिए.

हर कोई यहाँ अपनी ज़िन्दगी में व्यस्त है किसी को कोई फ़िक्र नहीं की तुम ज़िंदा हो भी या नहीं।

सब दौड़ रहे हैं किसी दौड़ में यहाँ समझ नहीं आ रहा कोई जीतता भी है या सब बस भाग ही रहे हैं।

आराम की ज़िन्दगी पाने में इतना भी क्या व्यस्त हो जाते हैं लोग, की आराम की ज़िन्दगी जीना ही भूल जाते हैं लोग।

में थोडा व्यस्त क्या हो गया, प्रेम का सूरज अस्त हो गया …..

जिंदगी का लुत्फ उठाना अब कहा आसान रह गया और सब तो बच गया, बस चैन और सुकून बह गया

व्यस्तता के बीच भी मुस्कुराना सीखिए जिंदगी से खूबसूरत पल चुराना सीखिए.

हर कोई यहाँ अपनी ज़िन्दगी में व्यस्त है किसी को कोई फ़िक्र नहीं की तुम ज़िंदा हो भी या नहीं।

सब दौड़ रहे हैं किसी दौड़ में यहाँ समझ नहीं आ रहा कोई जीतता भी है या सब बस भाग ही रहे हैं।

आराम की ज़िन्दगी पाने में इतना भी क्या व्यस्त हो जाते हैं लोग, की आराम की ज़िन्दगी जीना ही भूल जाते हैं लोग।

में थोडा व्यस्त क्या हो गया, प्रेम का सूरज अस्त हो गया …..